सरकारी पत्र कैसे लिखें?

ऐसे पत्र जो किसी सरकारी कार्य हेतु अथवा सरकारी अधिकारी/ प्रशासन को लिखें जाते हैं। सरकारी अथवा अधिकारी पत्र कहलाते हैं। ये पत्र औपचारिक पत्रों के अन्तर्गत आते हैं। चूंकि ये सरकारी अधिकारी को विशेष कार्य हेतु लिखें जाते हैं इसलिए इन पत्रों को लेखन में अनावश्यक कथन नहीं लिखे जाते हैं।

सरकारी अधिकारी पत्र क्यों लिखते हैं?

सरकारी अधिकारी पत्र, किसी सरकारी अधिकारी से कार्य कराने हेतु, किसी प्रकार की शिकायत करने हेतु, समाज में होने वाले अपराधों तथा अन्य किसी प्रकार के अपराध के प्रति शिकायत करने हेतु आदि अन्य कार्य होते लिखें जाते हैं।

सरकारी अधिकारी पत्र किसे लिखते हैं?

सरकारी अधिकारी पत्र, यहां नाम से ही स्पष्ट है कि ये पत्र सरकारी विभाग में कार्य करने वाले सरकारी अधिकारियों को लिखें जाते हैं। जैसे – स्वास्थ्य अधिकारी, कानून अधिकारी, डीएम, जिला प्रशासन अधिकारी इत्यादि।

सरकारी अधिकारी पत्र कैसे लिखते हैं?

ये पत्र एक निश्चित प्रारूप के अनुसार लिखे जाते हैं। क्योंकि इन्हें सरकारी वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित किया जाता है। इसलिए इनमें किसी प्रकार की कोई त्रुटि ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। सरकारी अधिकारी पत्र लिखते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए –

  1. सर्वप्रथम आप जिस भी कागज पर सरकारी अधिकारी को पत्र लिख रहें है। ध्यान रखें कि वह कागज साफ हो तथा साफ प्रारूप में लिखा जा रहा हो।
  2. पत्र की भाषा सरल होनी चाहिए। तथा औपचारिक शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
  3. अधिकारी को पत्र लिखते समय पत्र के ऊपर ‘ सेवा में ‘ शब्द को लिखकर संबोधन लिखा जाता है। जैसे – आदरणीय, माननीय आदि।
  4. इसके पश्चात अधिकारी के कार्यालय का नाम तथा पता लिखा जाता है।
  5. पत्र के अन्तर्गत जिस विषय का विस्तृत वर्णन किया जा रहा है। उसे एक वाक्य में लिखा जाता है।
  6. फिर महोदय अथवा मान्यवर जैसे शब्दों से विषय वस्तु की शुरुआत की जाती है। सरकारी अधिकारी पत्र की विषय वस्तु महत्वपूर्ण होती है इसलिए इसमें स्पष्ट रूप से अपनी बात को लिखा जाना चाहिए।
  7. पत्र के अंतिम में बाई ओर, धन्यवाद शब्द लिखकर, उसके नीचे प्रार्थी, भवदीय, निवेदक आदि शब्द लिखकर पत्र भेजे जाने वाले का नाम तथा पता लिखना चाहिए।
  8. पत्र के अंतिम भाग में पत्र भेजे जाने वाले दिन का दिनांक तथा प्रेषण कर्ता को हस्ताक्षर कर देने चाहिए। सरकारी अधिकारी पत्र का उदाहरण

मोहल्ले में व्याप्त गंदगी के सम्बन्ध में नगर के नगर निगम अधिकारी को पत्र लिखिए।

सेवा में,
माननीय प्रशासक महोदय,
नगर निगम, जयपुर
राजस्थान।

विषय – मोहल्ले में व्याप्त गंदगी के सम्बन्ध में पत्र।

मान्यवर,
सविनय निवेदन इस प्रकार है कि मेरा नाम अनिल कुमार है। मैं जयपुर के परकोटा इलाके के गुलाबनगर मोहल्ले का निवासी हूं। मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान हमारे मोहल्ले में फैली गंदगी की ओर आकर्षित करना चाहता हूं।

महोदय, आज लगभग तीन हफ्तों से मोहल्ले का सफाई कर्मचारी अपने काम पर नहीं आया है। जिस कारण मोहल्ले में हर जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है। मोहल्ले के आस पास कूड़ा फेंकने का कोई निश्चित स्थान भी नहीं बनाया गया। जिसके चलते लोगों के घरों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए है। गंदगी से फैली बदबू से लोगों का घर से गली में निकलना मुश्किल हो गया है। साथ ही गंदगी के कारण अनेक प्रकार के मच्छर भी पनपने शुरू हो गए हैं। जिससे बड़े तथा बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा है। सफाई कर्मचारी की कई बार शिकायत की जा चुकी है, पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।

अतः मेरा आपसे विनम्र अनुरोध है कि आप हमारे मोहल्ले में फैली गंदगी के निस्तारण का कोई उपाय निकाल कर दीजिए। साथ ही सफाई कर्मचारी के खिलाफ भी ठोस कदम उठाने का प्रयास कीजिए।
इसके लिए समस्त मोहल्ले निवासी आपके आभारी रहेंगे।
सधन्यवाद।

प्रार्थी,
अनिल कुमार तथा मोहल्ले के समस्त सदस्य,
जयपुर।

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