अपने छोटे भाई को सुबह घूमने के लाभ से अवगत कराते हुए पत्र लिखिए।

शील कॉलोनी,
संजय नगर,
काशीपुर।

दिनांक….

स्नेही भाई,
गौतम।

आशा करता हूं कि तुम व माता जी सकुशल होंगे। मुझे कुछ दिन पहले तुम्हारे विद्यालय के अध्यापक का पत्र प्राप्त हुआ था। उनका कहना था कि तुम अपनी पढ़ाई उचित रूप से पूर्ण कर रहे हो। व इस वर्ष तुमने अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह सुनकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। मेरी शुभकमनाएं है कि इसी प्रकार मेहनत से पढ़ाई करके तुम सफलता प्राप्त करो।
गत सप्ताह तुमने मुझे एक समय सारिणी भेजी थी। जिसमें तुम्हारे दैनिक प्रतिक्रिया का उल्लेख था। परंतु तुम्हारी इन प्रतिक्रियाओं में सुबह के समय में घूमना उल्लेखित नहीं था।
क्या तुम्हें स्मरण है? मैं जब तुम्हारे साथ रहता था तो प्रतिदिन तुम्हें अपने साथ सुबह टहलने के लिए बाहर लेकर जाता था। क्योंकि सुबह घूमने से शरीर में फुर्ती बनी रहती है। और पूरा दिन चेहरे पर ताजगी रहती है।
इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से सुबह टहलने से मानसिक स्थिति मजबूत होती है। व दिमागी शक्ति का उचित विकास होता है। सुबह घूमने से तुम्हारी याददाश्त में भी बढ़ोत्तरी होगी। जो कि तुम्हारी पढ़ाई के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। रोज सुबह घूमने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती है व साथ ही मधुमेह जैसी अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर को ताकत मिलती है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास में भी लाभदायक है। सुबह घूमने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह के 4 बजे से प्रातः काल 7 बजे तक है। इस समय बाहर निकलने से सुबह का टहलना भी हो जाता है व साथ साथ व्यायाम की क्रिया भी हो जाती है।
इसी कारण मैं भी यहां प्रतिदिन सुबह घूमने के लिए जाता हूं, उसके पश्चात नहाने के बाद नाश्ता करके ऑफिस निकल जाता हूं। सुबह का टहलना संपूर्ण शारीरिक क्षमता को प्रभावित करता है।
अतः मेरी यह सलाह है कि तुम भी कल से नियमित रूप से रोज सुबह टहलने का प्रयास करो। व इसे नियम की भांति अपनी दैनिक क्रियाओं में शामिल करने का निर्णय लो। संभवतः माताजी को अपने साथ सुबह घूमने के लिए लेकर जाओ। इससे उनका भी स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा।
माताजी को मेरा प्रणाम व तुम्हारे लिए स्नेह भाव सहित।

तुम्हारा बड़ा भाई,
गौरव शर्मा।
लखनऊ।

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