छात्रावास में पिता द्वारा मनीऑर्डर भेजे जाने हेतु एक पत्र लिखिए।

गली नंबर- 3,
कोलवलान इलाका,
शास्त्री नगर,
हैदराबाद।

दिनांक…..

आदरणीय पिता जी,
आपको सादर प्रणाम।

आशा करता हूं कि आप व माता जी सकुशल होंगे। मुझे गत दिन पूर्व आपका पत्र प्राप्त हुआ। जिसके साथ आपने मुझे 2000/- रुपए का मनीऑर्डर भेजा था। इसके लिए मैं आपका हृदय से धन्यवाद करना चाहता हूं। इन दिनों में मुझे रुपए के अति आवश्यकता पड़ रही थी, परीक्षा से संबंधित सॉल्व पेपर खरीदने के लिए तथा अपना परीक्षा शुल्क देने के लिए भी धन की आवश्यकता पड़ रही थी। जिस कारण मुझे लगभग 2000/- रुपए तक की जरूरत ही थी। आपने मुझे बताया था कि आपका व्यवसाय मंदी में चल रहा है। मैं आपको तकलीफ नहीं देना चाहता था। इसीलिए आपको खबर नहीं कर सका। परंतु इससे पूर्व ही आपने मुझे मनीऑर्डर भेज कर चिंतामुक्त कर दिया। आपके द्वारा भेजे गए रुपए मेरे लिए सहायतार्थ के रूप में साबित हुए है।
पिता जी, अगले महीने मेरी अंतिम चरण की परीक्षाओं का आगाज होने जा रहा है। मैंने अपनी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम पाने के लिए पूरी लगन से पढ़ाई की है। व मुझे विश्वास है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मैं अच्छा परिणाम प्रदर्शित करूंगा।
मेरे अध्यापक आपसे सम्पर्क करने के इच्छुक है, आपको जब भी समय मिले उनसे मिलने का प्रयास अवश्य करें।
माता जी को प्रमाण कहिएगा। व उनसे कहिएगा कि मैं उनको अत्यंत स्मरण करता हूं। वे अपना स्वास्थ्य का उचित रूप से ध्यान रखें। परीक्षा समाप्त होते ही अवकाश के दिनों में मैं शीघ्र ही घर वापस आऊंगा। उनके हाथ के अपने पसंदीदा बेसन के लड्डू का सेवन करूंगा।
एक बार पुनः आपको धन्यवाद।
चरण स्पर्श पिता जी।

आपका स्नेही पुत्र,
अनुज,
सुमंगल छात्रावास,
वाराणसी।

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