किन्हीं दो विषयों पर औपचारिक पत्र लिखिए बारिश का एक दिन”-विषय पर दृश्य लेखन कीजिए।

सी ब्लॉक,
आनंद विहार कॉलोनी,
सुभाष नगर,
लखनऊ।

दिनांक……

प्रिय सखी,
रोधिमा,
अभिनन्दन।

आशा करती हूं कि तुम सकुशल होगी। मैं भी यहां कुशलता से हूं। अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद हम एक दूसरे से बेहद लंबे समय से नहीं मिल सके है। गत वर्ष तुमने मुझे अपने विवाह के अवसर पर आमंत्रित पत्र भेजा था। लेकिन शहर से बाहर होने के कारण मेरा आना असंभव था। लेकिन मुझे अत्यंत अफसोस है कि मैं तुम्हारे विवाह के अवसर पर भी नहीं आ पाई। हम दोनों ही बचपन के अच्छे मित्र रहें हैं। हमने सदैव ही अपनी हर बात एक दूसरे से मिलकर व्यक्त की है। तुम्हे स्मरण होगा, जब हम करीबन दस साल के थे, तब बारिश का इंतजार किया करते थे। और बरसात के मौसम में तेज बारिश में भीगते हुए हम दोनों ही प्रसन्नता दे नाचते व गाते थे। एक दिन जब हम दोनों विद्यालय से अवकाश के समय में घर जाने के लिए निकले थे, तब भयंकर बारिश होने लगी थी। जिससे रास्ते में पानी का भराव हो गया था। बचपन की नादानी में हम दोनों उस पानी में जोर जोर से कूद कर एक दूसरे के कपड़ों को और अधिक गंदा करने की होड़ में लगे थे। उस दिन बारिश का तांडव कुछ इस प्रकार था कि सभी लोग डर रहे थे, कि कहीं पानी का सैलाब ना आ जाएं। परंतु हमने उस बारिश का भरपूर आनंद लिया। हमने घर जाने में भी देरी कर दी थी, जिस कारण हमें अपनी अपनी मां की बहुत डांट भी खानी पड़ी थी। परंतु बारिश का वह दिन उस प्रकार से फिर कभी जीवन में नहीं आया। इसीलिए तो कहते है कि बचपना जीवन का सबसे सुंदर पड़ाव होता है। हम दोनों को बारिश बेहद पसंद थी। मुझे तो अभी बारिश में भीगने का मन करता है। उम्मीद करती हूं कि तुम्हें आज भी बारिश उतनी ही पसंद होगी।
इस पत्र के माध्यम से मैंने हमारे बचपन के समय में बिताए बारिश के दिन का वर्णन किया। मैं प्रतीक्षा करूंगी कि तुम भी मुझे हमारे बचपन के किसी दृश्य का वर्णन करो।

तुम्हारी प्रिय सखी,
रंजना प्रकाश,
मुरादाबाद।

Rate this post
अपने दोस्तों को share करे:

Leave a Comment

x