अपनी छोटी बहन को समय का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए।

F – 15
राम नगर कॉलोनी,
फैज़ाबाद, उत्तर प्रदेश।

दिनांक…..

प्रिय छोटी बहन,
सुष्मिता।

आशा करती हूं कि तुम व परिवार के अन्य सभी सदस्य सकुशल होंगे। इस वर्ष तुम्हारी दसवीं कक्षा की परीक्षाएं है। जिसमें तुम्हें हम सभी को अच्छे अंक के साथ अपना परिणाम पत्र दिखाना है। मुझे उम्मीद है कि तुम अपनी पढ़ाई समय के अनुकूल व्यवस्थित रूप से कर रही होंगी। मैंने कुछ दिन पहले तुम्हारे विद्यालय के कक्षाचार्य से तुम्हारी पढ़ाई के विषय में जानकारी ली थी। उनके अनुसार तुम पढ़ने में बहुत अच्छी हो, किन्तु अपना कार्य समयानुसार करने में अभी बहुत पीछे हो। तुम्हारी कक्षा के अन्य विद्यार्थी तुमसे लिखने में आगे है एवं कक्षा में अलग विषय के वेला पर अन्य विषय का कार्य करती नजर आती हो। इसके अतिरिक्त गत सप्ताह मुझे माता जी का पत्र भी प्राप्त हुआ था। जिसमें उन्होंने बताया था कि तुम आजकल समय से ना उठती हो और ना समय पर खाती व सोती हूं। मैं तुमसे इस अव्यवस्था का कारण जानना चाहती हूं।
प्रिय छोटी, समय जीवन का एक मोती होता है। समय अमूल्य है। जिस प्रकार सूरज व चांद प्रतिदिन समय पर निकलते व ढलते है। उसी प्रकार समय के साथ हमें भी अपना कार्य करते रहना चाहिए। तुम समझती हो! बीता हुआ तुम्हारा कल का दिन क्या पुनः वापस आ सकता है? जब तुम्हारा जन्म हुआ उसके बाद तुम्हारी उम्र सदा समय के साथ बढ़ती गई। अब क्या पुनः तुम दो साल की एक अत्यंत नासमझ छोटी बालिका बन सकती हो? नहीं। क्योंकि समय जब एक बार निकल जाता है फिर कभी पुनः वापस नहीं आता।
अतः यह समय तुम्हारा मेहनत व लगन से पढ़ने का है। तथा अपनी दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने का है। जब तुम अपने विद्यालय में सबसे बेहतर परिणाम प्रदर्शित करोगी। तब तुम्हें स्वयं पर अत्यंत गर्व महसूस होगा। अन्यथा पश्चाताप के अतिरिक्त कुछ नहीं कर सकोगी।
मुझे विश्वास है कि तुम मेरी बात से सहमत होंगी।
तुम्हारी कामना सहित।

तुम्हारी
बड़ी बहन,
नीता कुमारी,
रेलवे स्टेशन रोड,
शारदा गर्ल्स हॉस्टल,
सूरत,गुजरात।

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